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ramayan 6.94.7: जो सुकुमार, अत्यन्त बलशाली तथा समस्त प्राणियों के कल्याण में तत्पर भगवान राम को देखकर वह कुरूप राक्षसी उन पर कामातुर हो गई - यह कैसा दुस्साहस है? यह दुष्ट तो सबके हाथों मारे जाने योग्य है॥7॥   |   ramayan सर्ग 6.94: राक्षसियों का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 94: राक्षसियों का विलाप  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.94.7 
सुकुमारं महासत्त्वं सर्वभूतहिते रतम्।
तं दृष्ट्वा लोकवध्या सा हीनरूपा प्रकामिता॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जो सुकुमार, अत्यन्त बलशाली तथा समस्त प्राणियों के कल्याण में तत्पर भगवान राम को देखकर वह कुरूप राक्षसी उन पर कामातुर हो गई - यह कैसा दुस्साहस है? यह दुष्ट तो सबके हाथों मारे जाने योग्य है॥7॥
 
Seeing Lord Ram, who is delicate and very powerful and engaged in the welfare of all living beings, that ugly demon woman became lustful towards him - what kind of audacity is this? This wicked person deserves to be killed by everyone. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)