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ramayan 6.94.31: जब महाबली राक्षस रावण ने अपनी घोर तपस्या और वरदान के प्रभाव से देवताओं को कष्ट पहुँचाया, तब उन्होंने पितामह ब्रह्माजी की आराधना की ॥31॥   |   ramayan सर्ग 6.94: राक्षसियों का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.94.31 
पीड्यमानास्तु बलिना वरदानेन रक्षसा।
दीप्तैस्तपोभिर्विबुधा: पितामहमपूजयन्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जब महाबली राक्षस रावण ने अपनी घोर तपस्या और वरदान के प्रभाव से देवताओं को कष्ट पहुँचाया, तब उन्होंने पितामह ब्रह्माजी की आराधना की ॥31॥
 
When the mighty demon Ravana tormented the gods with his intense penance and the influence of his boon, they worshiped Grandfather Brahmaji. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)