Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.94.21: 'श्री राम के हाथों महाबली कुंभकर्ण मारा गया। लक्ष्मण ने दु:खी और वीर अतिकायका का वध किया और रावण का प्रिय पुत्र इंद्रजीत भी उनके हाथों मारा गया, तथापि रावण भगवान श्री राम के प्रभाव को नहीं समझ रहा है। 21॥ | ramayan सर्ग 6.94: राक्षसियों का विलाप । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'श्री राम के हाथों महाबली कुंभकर्ण मारा गया। लक्ष्मण ने दु:खी और वीर अतिकायका का वध किया और रावण का प्रिय पुत्र इंद्रजीत भी उनके हाथों मारा गया, तथापि रावण भगवान श्री राम के प्रभाव को नहीं समझ रहा है। 21॥
‘The mighty Kumbhakarna was killed by the hands of Shri Ram. Lakshman killed the sad and brave Atikayaka and Ravana's beloved son Indrajit was also killed by his hands, however, Ravana is not understanding the influence of Lord Shri Ram. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥