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ramayan 6.94.13: यह देखकर कि राक्षस विराध विदेहपुत्री सीता को हड़पना चाहता है, श्री राम ने एक ही बाण से उसका वध कर दिया। यह एक ही उदाहरण उसकी अजेय शक्ति को समझने के लिए पर्याप्त था॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.94: राक्षसियों का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 94: राक्षसियों का विलाप  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.94.13 
वैदेहीं प्रार्थयानं तं विराधं प्रेक्ष्य राक्षसम्।
हतमेकेन रामेण पर्याप्तं तन्निदर्शनम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर कि राक्षस विराध विदेहपुत्री सीता को हड़पना चाहता है, श्री राम ने एक ही बाण से उसका वध कर दिया। यह एक ही उदाहरण उसकी अजेय शक्ति को समझने के लिए पर्याप्त था॥13॥
 
Seeing that the demon Viradha wanted to possess Videha's daughter Sita, Shri Ram killed him with a single arrow. That one example was enough to understand his invincible power.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)