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ramayan 6.94.11: ‘उसी के कारण दस सिर वाले राक्षस रावण ने यह महान शत्रुता उत्पन्न की और स्वयं तथा राक्षस कुल का नाश करने के लिए सीता का हरण किया।॥11॥   |   ramayan सर्ग 6.94: राक्षसियों का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.94.11 
तन्निमित्तमिदं वैरं रावणेन कृतं महत्।
वधाय सीता साऽऽनीता दशग्रीवेण रक्षसा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
‘उसी के कारण दस सिर वाले राक्षस रावण ने यह महान शत्रुता उत्पन्न की और स्वयं तथा राक्षस कुल का नाश करने के लिए सीता का हरण किया।॥11॥
 
‘Due to her, the ten-headed demon Ravana developed this great enmity and abducted Sita to kill himself and the demon clan.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)