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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार
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श्लोक 5
श्लोक
6.93.5
अथवाहं शरैस्तीक्ष्णैर्भिन्नगात्रं महाहवे।
भवद्भि: श्वो निहन्तास्मि रामं लोकस्य पश्यत:॥ ५॥
अनुवाद
अथवा मैं कल महायुद्ध में तुम्हारे साथ रहूँगा और अपने तीखे बाणों से राम के शरीर को फाड़कर सबके सामने ही उनका वध कर दूँगा।’ ॥5॥
Or I will be with you in the great war tomorrow and will tear apart Rama's body with my sharp arrows and kill him in front of everyone.' ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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