श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 93: श्रीराम द्वारा राक्षस सेना का संहार  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.93.15 
एकैकं राक्षसं संख्ये शतं वानरपुंगवा:।
अभ्यधावन्त फलिनं वृक्षं शकुनयो यथा॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जैसे सैकड़ों पक्षी फलदार वृक्ष की ओर दौड़ते हैं, वैसे ही सैकड़ों वानर प्रत्येक राक्षस की ओर दौड़े ॥15॥
 
Just as hundreds of birds rush towards a fruit-bearing tree, similarly hundreds of monkeys rushed towards each demon. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)