श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 91: लक्ष्मण और विभीषण आदि का श्रीरामचन्द्रजी के पास आकर इन्द्रजित के वध का समाचार सुनाना, प्रसन्न हुए श्रीराम के द्वारा लक्ष्मण को हृदय से लगाकर उनकी प्रशंसा तथा सुषेण द्वारा लक्ष्मण आदि की चिकित्सा  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.91.26 
विभीषणमुखानां च सुहृदां राघवाज्ञया।
सर्ववानरमुख्यानां चिकित्सामकरोत् तदा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
श्री रामचन्द्रजी की आज्ञा से सुषेण ने तत्काल विभीषण आदि अपने मित्रों तथा समस्त वानर-मुख वालों का सत्कार किया॥26॥
 
By the order of Shri Ramchandraji, Sushen immediately treated Vibhishana etc., his friends and all the monkey-headed people. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)