श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 90: इन्द्रजित और लक्ष्मण का भयंकर युद्ध तथा इन्द्रजित का वध  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  6.90.92 
लाङ्गूलानि प्रविध्यन्त: स्फोटयन्तश्च वानरा:।
लक्ष्मणो जयतीत्येव वाक्यं विश्रावयंस्तदा॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
उस समय वीर वानर अपनी पूँछ हिलाने और थपथपाने लगे तथा 'लक्ष्मण की जय हो' कहकर चिल्लाने लगे।
 
At that time the brave monkeys began to shake and slap their tails and shout 'Victory to Lakshmana'. 92.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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