श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 90: इन्द्रजित और लक्ष्मण का भयंकर युद्ध तथा इन्द्रजित का वध  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  6.90.57 
सौरेणास्त्रेण तद् वीरो लक्ष्मण: पर्यवारयत्।
अस्त्रं निवारितं दृष्ट्वा रावणि: क्रोधमूर्च्छित:॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
परन्तु वीर लक्ष्मण ने सूर्य की किरण से उसे शांत कर दिया। अपने अस्त्र को क्षतिग्रस्त देखकर रावणकुमार इन्द्रजित् अचेत हो गया। 57॥
 
But brave Lakshmana calmed him down with the help of sunray. Seeing his weapon damaged, Ravana Kumar Indrajit became unconscious. 57॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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