श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 90: इन्द्रजित और लक्ष्मण का भयंकर युद्ध तथा इन्द्रजित का वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.90.23 
मुक्तमिन्द्रजिता तत्तु शरवर्षमरिंदम:।
आवारयदसम्भ्रान्तो लक्ष्मण: सुदुरासदम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि इन्द्रजित् द्वारा की गई बाणों की वर्षा को रोकना अत्यन्त कठिन था, तथापि शत्रुओं के शत्रु लक्ष्मण ने बिना किसी हिचकिचाहट के उसे रोक दिया ॥23॥
 
Although it was very difficult to stop the rain of arrows fired by Indrajit, Lakshman, the enemy of enemies, stopped it without any hesitation. 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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