श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 90: इन्द्रजित और लक्ष्मण का भयंकर युद्ध तथा इन्द्रजित का वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.90.17 
तत: समरकोपेन ज्वलितो रघुनन्दन:।
चिच्छेद कार्मुकं तस्य दर्शयन् पाणिलाघवम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तब शत्रुओं से युद्ध करते हुए रघुकुलनन्दन लक्ष्मण क्रोधित हो उठे और क्रोध से जल उठे। उन्होंने अपने हाथों की फुर्ती दिखाकर उस राक्षस के धनुष को काट डाला।
 
Then the battle with the enemy infuriated Raghukulnandan Lakshman. He was burning with rage and showing the agility of his hands he cut the bow of that demon.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas