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ramayan 6.89.9: जब यह पापी राक्षस इन्द्रजीत इस युद्ध के मुहाने पर मारा जाएगा, तब रावण को छोड़कर उसकी सारी सेना मरी हुई समझो।   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.89.9 
अस्मिंश्च निहते पापे राक्षसे रणमूर्धनि।
रावणं वर्जयित्वा तु शेषमस्य बलं हतम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब यह पापी राक्षस इन्द्रजीत इस युद्ध के मुहाने पर मारा जाएगा, तब रावण को छोड़कर उसकी सारी सेना मरी हुई समझो।
 
When this sinful demon Indrajit is killed at the mouth of this battle, consider his entire army as dead except Ravana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)