Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.89.51: घोड़े कुचलकर टुकड़े-टुकड़े हो गए और निर्जीव होकर भूमि पर गिर पड़े। घोड़ों को मारकर और इंद्रजीत के विशाल रथ को नष्ट करके, चारों वानर पुनः बड़े वेग से उछलकर लक्ष्मण के पास आकर खड़े हो गए। | ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते हया मथिता भग्ना व्यसवो धरणीं गता:।
ते निहत्य हयांस्तस्य प्रमथ्य च महारथम्।
पुनरुत्पत्य वेगेन तस्थुर्लक्ष्मणपार्श्वत:॥ ५१॥
अनुवाद
घोड़े कुचलकर टुकड़े-टुकड़े हो गए और निर्जीव होकर भूमि पर गिर पड़े। घोड़ों को मारकर और इंद्रजीत के विशाल रथ को नष्ट करके, चारों वानर पुनः बड़े वेग से उछलकर लक्ष्मण के पास आकर खड़े हो गए।
The horses were trampled to pieces and fell lifeless on the ground. Having killed the horses and destroyed Indrajit's huge chariot, the four monkeys again jumped up with great speed and came and stood near Lakshmana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥