Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.89.5: विभीषण के अनुयायी भी राक्षसों में श्रेष्ठ योद्धा थे; अतः वे भी शूलों, तलवारों और थालों की सहायता से समरांगण में वीर राक्षसों का संहार करने लगे॥5॥ | ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विभीषण के अनुयायी भी राक्षसों में श्रेष्ठ योद्धा थे; अतः वे भी शूलों, तलवारों और थालों की सहायता से समरांगण में वीर राक्षसों का संहार करने लगे॥5॥
Vibhishana's followers were also the best warriors among the demons; Hence, they also started killing the brave demons in Samarangana with the help of prongs, swords and plates. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥