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ramayan 6.89.21: अपने समस्त बलवान भालुओं से घिरे हुए जाम्बवान और वानरों ने वहाँ उपस्थित राक्षसों को पत्थरों, नाखूनों और दांतों से पीटना आरम्भ कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.89.21 
जाम्बवानपि तै: सर्वै: स्वयूथ्यैरभिसंवृत:।
तेऽश्मभिस्ताडयामासुर्नखैर्दन्तैश्च राक्षसान्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
अपने समस्त बलवान भालुओं से घिरे हुए जाम्बवान और वानरों ने वहाँ उपस्थित राक्षसों को पत्थरों, नाखूनों और दांतों से पीटना आरम्भ कर दिया।
 
Surrounded by all his strong bears, Jambavan and the monkeys began to beat the demons there with stones, nails and teeth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)