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ramayan 6.89.15: इन अनेक महाबली दैत्यों को मारकर तुमने अपने हाथों से तैरकर समुद्र पार कर लिया है। अब केवल यह गौ के खुर के समान छोटा-सा दैत्य ही शेष रह गया है। अतः इसे भी शीघ्र पार कर जाओ॥ 15॥   |   ramayan सर्ग 6.89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 89: विभीषण का राक्षसों पर प्रहार, उनका वानरयूथ पतियों को प्रोत्साहन देना, लक्ष्मण द्वारा इन्द्रजित के सारथि का और वानरों द्वारा उसके घोड़ों का वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.89.15 
एतान् निहत्यातिबलान् बहून् राक्षससत्तमान्।
बाहुभ्यां सागरं तीर्त्वा लङ्‍घ्यतां गोष्पदं लघु॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इन अनेक महाबली दैत्यों को मारकर तुमने अपने हाथों से तैरकर समुद्र पार कर लिया है। अब केवल यह गौ के खुर के समान छोटा-सा दैत्य ही शेष रह गया है। अतः इसे भी शीघ्र पार कर जाओ॥ 15॥
 
‘After killing these many very powerful demon-chiefs, you have crossed the ocean by swimming with your hands. Now only this small demon, the size of a cow's hooves, is left. So cross this one also quickly.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)