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श्लोक 6.87.9  |
तमुवाच महातेजा: पौलस्त्यमपराजितम्।
समाह्वये त्वां समरे सम्यग् युद्धं प्रयच्छ मे॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| तब महाबली लक्ष्मण ने अजेय पुलस्त्य-कुलनन्दन इन्द्रजित से कहा - 'हे दैत्य! मैं तुम्हें युद्ध के लिए ललकारता हूँ। सावधान होकर मेरे साथ युद्ध करो।' |
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| Then the mighty Lakshmana said to the invincible Pulastya-Kulnandan Indrajit - 'O demon! I challenge you to war. Be careful and fight with me. 9॥ |
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