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ramayan 6.82.9: सीता की हत्या से वे बहुत दुःखी थे और इंद्रजीत की क्रूरता को देखकर बहुत क्रोधित हुए; इसलिए हनुमान ने रावण के पुत्र के रथ पर एक विशाल चट्टान फेंकी।   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.82.9 
स तु शोकेन चाविष्ट: कोपेन महता कपि:।
हनूमान् रावणिरथे महतीं पातयच्छिलाम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सीता की हत्या से वे बहुत दुःखी थे और इंद्रजीत की क्रूरता को देखकर बहुत क्रोधित हुए; इसलिए हनुमान ने रावण के पुत्र के रथ पर एक विशाल चट्टान फेंकी।
 
He was deeply grieved by the killing of Sita and was greatly enraged at the sight of Indrajit's cruelty; therefore Hanuman hurled a huge rock at Ravana's son's chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)