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ramayan 6.82.8: अपनी वानरों की सेना से घिरे हुए महाकपि हनुमान ने प्रलय के विनाशक यमराज के समान राक्षसों का संहार करना आरम्भ कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.82: हनुमान्जी के नेतृत्व में वानरों और निशाचरों का युद्ध, हनुमान्जी का श्रीराम के पास लौटना और इन्द्रजित का निकुम्भिला-मन्दिर में जाकर होम करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.82.8 
स राक्षसानां कदनं चकार सुमहाकपि:।
वृतो वानरसैन्येन कालान्तकयमोपम:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अपनी वानरों की सेना से घिरे हुए महाकपि हनुमान ने प्रलय के विनाशक यमराज के समान राक्षसों का संहार करना आरम्भ कर दिया।
 
Surrounded by his army of monkeys, that great ape Hanuman began killing the demons like Yamaraja, the destroyer of doomsday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)