श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 80: रावण की आज्ञा से इन्द्रजित का घोर युद्ध तथा उसके वध के विषयमें श्रीराम और लक्ष्मण की बातचीत  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.80.7 
शस्त्राणि शरपत्राणि समिधोऽथ बिभीतका:।
लोहितानि च वासांसि स्रुवं कार्ष्णायसं तथा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उनके शस्त्र जैसे तलवार आदि सरकंडे और कुशा थे, बहेड़ा की लकड़ी ईंधन थी, लाल कपड़ा और लोहे का स्रुवा - ये सभी चीजें काम में आती थीं।
 
His weapons like sword etc. were serving as reeds and kushaas, baheda wood was the fuel, red cloth and iron sruva - all these things were used.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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