| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 8: प्रहस्त, दुर्मुख, वज्रदंष्ट, निकुम्भ और वज्रहनु का रावण के सामने शत्रु-सेना को मार गिराने का उत्साह दिखाना » श्लोक 23-24 |
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| | | | श्लोक 6.8.23-24  | स्वस्था: क्रीडन्तु निश्चिन्ता: पिबन्तु मधु वारुणीम्॥ २३॥
अहमेको वधिष्यामि सुग्रीवं सहलक्ष्मणम्।
साङ्गदं च हनूमन्तं सर्वांश्चैवात्र वानरान्॥ २४॥ | | | | | | अनुवाद | | तुम सब निश्चिंत होकर स्वस्थ रहो, क्रीड़ा करो और वारुणी मदिरा पियो। मैं ही यहाँ सुग्रीव, लक्ष्मण, अंगद, हनुमान और अन्य समस्त वानरों का वध करूँगा।॥23-24॥ | | | | You all stay healthy and play and drink Varuni wine without any worries. I alone will kill Sugreeva, Lakshmana, Angad, Hanuman and all the other monkeys here.'॥ 23-24॥ | | | इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डेऽष्टम: सर्ग: ॥ ८ ॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें आठवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ८ ॥ | | | | ✨ ai-generated | | |
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