श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 8: प्रहस्त, दुर्मुख, वज्रदंष्ट, निकुम्भ और वज्रहनु का रावण के सामने शत्रु-सेना को मार गिराने का उत्साह दिखाना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  6.8.20-21h 
सर्वे भवन्तस्तिष्ठन्तु महाराजेन संगता:।
अहमेको हनिष्यामि राघवं सहलक्ष्मणम्॥ २०॥
सुग्रीवं सहनूमन्तं सर्वांश्चैवात्र वानरान्।
 
 
अनुवाद
आप सब लोग महाराज के साथ यहाँ चुपचाप बैठिए। मैं अकेला ही राम, लक्ष्मण, सुग्रीव, हनुमान और अन्य सभी वानरों का वध करूँगा।॥20 1/2॥
 
‘All of you please sit quietly here with Maharaj. I alone will kill Rama, Lakshmana, Sugreeva, Hanuman and all the other monkeys here.’॥ 20 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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