श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 8: प्रहस्त, दुर्मुख, वज्रदंष्ट, निकुम्भ और वज्रहनु का रावण के सामने शत्रु-सेना को मार गिराने का उत्साह दिखाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.8.11 
अद्य रामं ससुग्रीवं परिघेण सलक्ष्मणम्।
आगमिष्यामि हत्वैको विक्षोभ्य हरिवाहिनीम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
आज मैं अकेला ही वानर सेना में उत्पात मचाऊँगा और सुग्रीव, लक्ष्मण और राम को मारकर इस युद्धभूमि से लौट आऊँगा॥ 11॥
 
Today I alone will create havoc in the monkey army and will return from this battlefield after killing Sugreeva, Lakshman and Rama.॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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