श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 79: श्रीरामचन्द्रजी के द्वारा मकराक्ष का वध  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.79.22 
ताञ्छराञ्छरवर्षेण रामश्चिच्छेद नैकधा।
निपेतुर्भुवि विच्छिन्ना रुक्मपुङ्खा: सहस्रश:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
परन्तु श्री राम ने स्वयं अपने बाणों की वर्षा करके उस राक्षस के बाणों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। स्वर्ण पंख वाले वे कटे हुए हजारों बाण पृथ्वी पर गिर पड़े।
 
But Shri Ram himself showered his arrows and broke the arrows of that demon into pieces. Thousands of those cut arrows with golden feathers fell on the earth.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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