vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध
»
श्लोक 5
श्लोक
6.76.5
सोऽङ्गदं निशितैर्बाणैस्तदा विव्याध वेगित:।
शरीरदारणैस्तीक्ष्णै: कालाग्निसमविग्रहै:॥ ५॥
अनुवाद
उस समय उन्होंने शरीर को छेदने वाले तथा काली अग्नि के समान आकार वाले तीखे और नुकीले बाणों द्वारा बड़े बल से अंगद को घायल कर दिया॥5॥
At that time he injured Angada with great force using sharp and pointed arrows, capable of piercing the body and shaped like black fire. ॥5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×