श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.76.31 
स ततोऽभिहतस्तेन चचाल च महाबल:।
उद्यतां च पुनस्तस्य जहार द्विविदो गदाम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
शोणितक्ष के प्रहार से महाबली द्विविद व्याकुल हो उठे और जब उन्होंने पुनः अपनी गदा उठाई तो द्विविद ने उसे छीन लिया।
 
The mighty Dwivid became agitated after being struck by Shonitaksha. Then when he raised his mace again, Dwivid snatched it away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)