vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 76: अङ्गद के द्वारा कम्पन और प्रजङ्घका द्विविद के द्वारा शोणिताक्षका, मैन्द के द्वारा यूपाक्षका और सुग्रीव के द्वारा कुम्भ का वध
»
श्लोक 11
श्लोक
6.76.11
तं प्रगृह्य महाखड्गं विनद्य च पुन: पुन:।
वालिपुत्रोऽभिदुद्राव रणशीर्षे परानरीन्॥ ११॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वालिपुत्र ने उस विशाल तलवार को उठाकर बारम्बार गर्जना करते हुए युद्ध के मुहाने पर अन्य शत्रुओं पर आक्रमण किया ॥11॥
Thereafter Valiputra, taking up that huge sword, roaring repeatedly, attacked the other enemies at the mouth of the battle. ॥11॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd