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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध
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श्लोक 47
श्लोक
6.75.47
यूपाक्ष: शोणिताक्षश्च प्रजङ्घ: कम्पनस्तथा।
निर्ययु: कौम्भकर्णिभ्यां सह रावणशासनात्॥ ४७॥
अनुवाद
रावण की आज्ञा से कुम्भकर्ण के दोनों पुत्रों के साथ यूपक्ष, शोणितक्ष, प्रजंघ और कम्पन भी युद्ध के लिए चल पड़े ॥47॥
On the orders of Ravana, Yupaksha, Shonitaksha, Prajhanga and Kampan also set out for the war along with the two sons of Kumbhakarna. 47॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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