श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  6.75.42 
आदिष्टा वानरेन्द्रास्ते सुग्रीवेण महात्मना।
आसन्नं द्वारमासाद्य युध्यध्वं च प्लवंगमा:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
उस समय महात्मा सुग्रीव ने प्रमुख वानरों को आदेश दिया - 'वीर वानरों! तुम सब अपने-अपने निकटवर्ती द्वारों पर जाकर युद्ध करो।
 
At that time Mahatma Sugreeva ordered the chief monkeys - 'Valiant monkeys! All of you go to your respective nearest gates and fight.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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