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ramayan 6.75.4: सुग्रीव की आज्ञा का पालन करते हुए, सूर्यास्त के पश्चात् तथा भयंकर प्रातःकाल में, वे सभी श्रेष्ठ वानर हाथों में मशालें लेकर लंका की ओर चल पड़े।   |   ramayan सर्ग 6.75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.75.4 
ततोऽस्तं गत आदित्ये रौद्रे तस्मिन् निशामुखे।
लङ्कामभिमुखा: सोल्का जग्मुस्ते प्लवगर्षभा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव की आज्ञा का पालन करते हुए, सूर्यास्त के पश्चात् तथा भयंकर प्रातःकाल में, वे सभी श्रेष्ठ वानर हाथों में मशालें लेकर लंका की ओर चल पड़े।
 
Following Sugreeva's orders, after the sun had set and in the dreadful morning dawn, all those best monkeys proceeded towards Lanka taking torches in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)