श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.75.35 
ततो विस्फारयामास रामश्च धनुरुत्तमम्।
बभूव तुमुल: शब्दो राक्षसानां भयावह:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
उस समय श्री राम ने अपना उत्तम धनुष खींचा और उससे भयंकर ध्वनि निकली, जिससे राक्षस भयभीत हो गये।
 
At that time Sri Rama drew his excellent bow and a terrifying sound came from it which frightened the demons.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas