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ramayan 6.75.32: जब भी वे राक्षस जिनके शरीर जल गए थे, नगर से बाहर निकलते, तो युद्ध के लिए उत्सुक वानरों ने अचानक उन पर आक्रमण कर दिया। 32.   |   ramayan सर्ग 6.75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.75.32 
प्रदग्धकायानपरान् राक्षसान् निर्गतान् बहि:।
सहसा ह्युत्पतन्ति स्म हरयोऽथ युयुत्सव:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जब भी वे राक्षस जिनके शरीर जल गए थे, नगर से बाहर निकलते, तो युद्ध के लिए उत्सुक वानरों ने अचानक उन पर आक्रमण कर दिया। 32.
 
Whenever those demons whose bodies were burnt came out of the city, the monkeys eager for war suddenly attacked them. 32.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)