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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  6.75.23-24h 
विमानेषु प्रसुप्ताश्च दह्यमाना वराङ्गना:॥ २३॥
त्यक्ताभरणसंयोगा हाहेत्युच्चैर्विचुक्रुशु:।
 
 
अनुवाद
जब सात महलों में सोई हुई सुन्दरियाँ आग में जलने लगीं, तो उन्होंने अपने सारे आभूषण फेंक दिए और जोर-जोर से विलाप करने लगीं।
 
When the beauties sleeping in the seven palaces started burning in the fire, they threw away all their ornaments and started wailing loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)