Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.75.13-14: उस समय अग्निदेव ने नाना प्रकार के विचित्र घरों को जलाना आरम्भ कर दिया। उन घरों में आसक्त, सोने के विचित्र कवच धारण करने वाले, हार, आभूषण और वस्त्रों से विभूषित उन समस्त राक्षसों के घर अग्नि की लपटों में आ गए॥13-14॥ | ramayan सर्ग 6.75: लङ्कापुरी का दहन तथा राक्षसों और वानरों का भयंकर युद्ध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय अग्निदेव ने नाना प्रकार के विचित्र घरों को जलाना आरम्भ कर दिया। उन घरों में आसक्त, सोने के विचित्र कवच धारण करने वाले, हार, आभूषण और वस्त्रों से विभूषित उन समस्त राक्षसों के घर अग्नि की लपटों में आ गए॥13-14॥
At that time, Agni Deva started burning various types of strange houses. The dwellings of all those demons who were attached to the houses, wore strange armour of gold and were adorned with necklaces, ornaments and clothes, came under the flames of fire.॥13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥