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श्लोक 6.75.1  |
ततोऽब्रवीन्महातेजा: सुग्रीवो वानरेश्वर:।
अर्थ्यं विज्ञापयंश्चापि हनूमन्तमिदं वच:॥ १॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् महाबली वानरराज सुग्रीव ने हनुमानजी से उनका आगे का कर्तव्य बताने को कहा : 1॥ |
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| Thereafter, the mighty monkey king Sugriva asked Hanuman ji to inform him about his further duty: 1॥ |
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