Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.74.69: सूर्य के समान चमकते उस पर्वत शिखर को हाथों में लेकर हनुमानजी सूर्य के मार्ग पर पहुँचे। उस समय सूर्य के निकट होने पर सूर्य के समान तेजस्वी शरीर वाले पवनकुमार (हनुमानजी) दूसरे सूर्य के समान प्रतीत हो रहे थे। | ramayan सर्ग 6.74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सूर्य के समान चमकते उस पर्वत शिखर को हाथों में लेकर हनुमानजी सूर्य के मार्ग पर पहुँचे। उस समय सूर्य के निकट होने पर सूर्य के समान तेजस्वी शरीर वाले पवनकुमार (हनुमानजी) दूसरे सूर्य के समान प्रतीत हो रहे थे।
Taking that mountain peak shining like the Sun in his hands, Hanuman reached the path of the Sun. Being near the Sun at that time, Pawankumar (Lord Hanuman) with a body as radiant as that of the Sun appeared like another Sun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥