Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.74.62: उस पर्वत को अग्नि के समान चमकता हुआ देखकर पवनपुत्र हनुमान को बड़ा आश्चर्य हुआ। वे उछलकर औषधियों से भरे उस पर्वत पर चढ़ गए और वहाँ उपर्युक्त चारों औषधियों की खोज करने लगे। | ramayan सर्ग 6.74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस पर्वत को अग्नि के समान चमकता हुआ देखकर पवनपुत्र हनुमान को बड़ा आश्चर्य हुआ। वे उछलकर औषधियों से भरे उस पर्वत पर चढ़ गए और वहाँ उपर्युक्त चारों औषधियों की खोज करने लगे।
Seeing that mountain shining like a mass of fire, Hanuman, the son of the wind, was very surprised. He jumped and climbed that mountain filled with medicinal herbs and started searching for the above mentioned four medicines there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥