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ramayan 6.74.6: हे दैत्यराज! इस अस्त्र से घायल हुए महाबली वानर सैनिकों में जो अभी भी जीवित हैं, उन्हें हमें अवश्य जाकर आश्वस्त करना चाहिए।॥6॥   |   ramayan सर्ग 6.74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  6.74.6 
अस्मिन्नस्त्रहते सैन्ये वानराणां तरस्विनाम्।
यो यो धारयते प्राणांस्तं तमाश्वासयावहे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्यराज! इस अस्त्र से घायल हुए महाबली वानर सैनिकों में जो अभी भी जीवित हैं, उन्हें हमें अवश्य जाकर आश्वस्त करना चाहिए।॥6॥
 
King of demons! We must go and assure those who are still alive among the mighty monkey soldiers injured by this weapon.'॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)