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जाम्बवान के ये वचन सुनकर वायुपुत्र हनुमान अपार बल से भर गये, जैसे समुद्र वायु के बल से भर जाता है।
On hearing these words of Jambavan, Hanuman, the son of Vayu, was filled with immense strength, just as the ocean is filled with the force of the wind.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥