Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.74.3: वानरवीर! तुम लोग डरो मत। यहाँ शोक का कोई अवसर नहीं है; क्योंकि इन दोनों आर्यपुत्रों ने ब्रह्माजी के वचनों का आदर और पालन करते हुए स्वयं शस्त्र नहीं उठाए; इसीलिए इंद्रजीत ने उन दोनों को अपने शस्त्रों से ढक दिया। अतः ये दोनों भाई केवल मूर्छित हो गए हैं (इनके प्राणों को कोई खतरा नहीं है)। 3॥ | ramayan सर्ग 6.74: जाम्बवान् के आदेश से हनुमान्जी का हिमालय से दिव्य ओषधियों के पर्वत को लाना और उन ओषधियों की गन्ध से श्रीराम, लक्ष्मण एवं समस्त वानरों का पुनः स्वस्थ होना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वानरवीर! तुम लोग डरो मत। यहाँ शोक का कोई अवसर नहीं है; क्योंकि इन दोनों आर्यपुत्रों ने ब्रह्माजी के वचनों का आदर और पालन करते हुए स्वयं शस्त्र नहीं उठाए; इसीलिए इंद्रजीत ने उन दोनों को अपने शस्त्रों से ढक दिया। अतः ये दोनों भाई केवल मूर्छित हो गए हैं (इनके प्राणों को कोई खतरा नहीं है)। 3॥
Monkey hero! You guys don't be afraid. There is no occasion for sadness here; Because these two Aryaputras, while respecting and following the words of Brahmaji, did not take up arms themselves; That is why Indrajit covered both of them with his weapons. Therefore, these two brothers have only become unconscious (their lives are not in danger). 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥