| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना » श्लोक 7 |
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| | | | श्लोक 6.73.7  | अद्येन्द्रवैवस्वतविष्णुरुद्र-
साध्याश्च वैश्वानरचन्द्रसूर्या:।
द्रक्ष्यन्ति मे विक्रममप्रमेयं
विष्णोरिवोग्रं बलियज्ञवाटे॥ ७॥ | | | | | | अनुवाद | | ‘आज इन्द्र, यम, विष्णु, रुद्र, साध्य, अग्नि, सूर्य और चन्द्रमा यज्ञमण्डप में भगवान विष्णु के भयंकर विक्रम के समान मेरे अपार पराक्रम को देखेंगे।’ 7॥ | | | | ‘Today Indra, Yama, Vishnu, Rudra, Sadhya, Agni, Surya and Moon will see my immense prowess like the fierce Vikram of Lord Vishnu in the sacrificial yajnamandap.’ 7॥ | | ✨ ai-generated | | |
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