श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  6.73.59 
ततो ज्वलनसंकाशैर्बाणैर्वानरयूथपा:।
ताडिता: शक्रजिद‍्बाणै: प्रफुल्ला इव किंशुका:॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
इन्द्रजित् के छोड़े हुए अग्निबाणों से घायल होकर रक्त से नहाये हुए समस्त वानर योद्धा खिले हुए पलाश वृक्ष के समान शोभा पा रहे थे ॥59॥
 
Injured by the fiery arrows shot by Indrajit, bathed in blood, all the monkey warriors looked like the palash tree in bloom. 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)