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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना
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श्लोक 34
श्लोक
6.73.34
स तु नालीकनाराचैर्गदाभिर्मुसलैरपि।
रक्षोभि: संवृत: संख्ये वानरान् विचकर्ष ह॥ ३४॥
अनुवाद
उस रणभूमि में राक्षसों से घिरे हुए इन्द्रजित भी नालिक, नाराच, गदा और मूसल आदि अस्त्र-शस्त्रों से वानरों को मारने लगे॥34॥
Being surrounded by demons in that battlefield, Indrajit also started killing the monkeys with weapons like nalik, narach, mace and pestle etc. 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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