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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 73: इन्द्रजित के ब्रह्मास्त्र से वानरसेना सहित श्रीराम और लक्ष्मण का मूर्च्छित होना
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श्लोक 10
श्लोक
6.73.10
तं प्रस्थितं महात्मानमनुजग्मुर्महाबला:।
संहर्षमाणा बहवो धनु:प्रवरपाणय:॥ १०॥
अनुवाद
उस महारथी को जाते देख, बहुत से पराक्रमी राक्षस अपने हाथों में उत्तम धनुष धारण करके हर्ष और उत्साह से उसके पीछे-पीछे चले॥10॥
Seeing the departure of that great warrior, many mighty demons, holding excellent bows in their hands, followed him with joy and enthusiasm. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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