| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 71: अतिकाय का भयंकर युद्ध और लक्ष्मण के द्वारा उसका वध » श्लोक 87 |
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| | | | श्लोक 6.71.87  | आग्नेयास्त्राभिसंयुक्तं दृष्ट्वा बाणं निशाचर:।
उत्ससर्ज तदा बाणं रौद्रं सूर्यास्त्रयोजितम्॥ ८७॥ | | | | | | अनुवाद | | उस बाण को अपनी ओर आते देख, अग्निबाण से अभिमंत्रित, रात्रि योद्धा अतिकाय ने तुरन्त ही सूर्यरास्त्र से अभिमंत्रित अपना भयंकर बाण चलाया। 87 | | | | Seeing that arrow coming towards him, enchanted by the fire weapon, the night-time warrior Atikaya immediately fired his fierce arrow, enchanted by the sunrayastra. 87 | | ✨ ai-generated | | |
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