श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 71: अतिकाय का भयंकर युद्ध और लक्ष्मण के द्वारा उसका वध  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  6.71.58 
न वाक्यमात्रेण भवान् प्रधानो
न कत्थनात् सत्पुरुषा भवन्ति।
मयि स्थिते धन्विनि बाणपाणौ
निदर्शयस्वात्मबलं दुरात्मन्॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
'दुष्टात्मा! केवल बातें करने से तुम महान नहीं बन सकते। केवल डींगें मारने से कोई महान नहीं बनता। मैं धनुष-बाण लेकर तुम्हारे सामने खड़ा हूँ। मुझे अपनी पूरी शक्ति दिखाओ।' 58
 
‘Evil soul! You cannot become great by merely talking. No one becomes great by merely bragging. I am standing in front of you with a bow and arrow in my hand. Show me all your strength. 58.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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