श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 71: अतिकाय का भयंकर युद्ध और लक्ष्मण के द्वारा उसका वध  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.71.41 
तांश्चैव सर्वान् स हरीन् शरै: सर्वायसैर्बली।
विव्याधाभिमुखान् संख्ये भीमकायो निशाचर:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उस बलवान और विशाल राक्षस ने युद्धस्थल में उपस्थित समस्त वानरों को लोहे के बाणों से बींध डाला ॥41॥
 
Thereupon that powerful and gigantic demon pierced all the monkeys who had appeared before him on the battlefield with iron arrows. ॥ 41॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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