श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 71: अतिकाय का भयंकर युद्ध और लक्ष्मण के द्वारा उसका वध  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  6.71.25 
आचक्ष्व मे महाबाहो त्वमेनं राक्षसोत्तमम्।
यं दृष्ट्वा वानरा: सर्वे भयार्ता विद्रुता दिश:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! कृपा करके मुझे उस महान् राक्षस से परिचित कराइए, जिसे देखकर समस्त वानर भयभीत होकर सब ओर भाग गए हैं।॥25॥
 
Mahabaho! Please introduce me to this great demon, on seeing whom all the monkeys are frightened and have fled in all directions.'॥ 25॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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