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श्लोक 6.71.21  |
द्वौ च खड्गौ च पार्श्वस्थौ प्रदीप्तौ पार्श्वशोभितौ।
चतुर्हस्तत्सरुयुतौ व्यक्तहस्तदशायतौ॥ २१॥ |
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| अनुवाद |
| ‘उनकी भुजाओं पर दो चमकती हुई तलवारें शोभायमान हैं, जिनके हत्थे चार हाथ और दस हाथ लम्बे हैं।॥ 21॥ |
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| ‘Two shining swords adorn their sides, whose handles are four cubits long and ten cubits long.॥ 21॥ |
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